ज्योतिष शास्त्र के अनुसार: सप्ताह के किस दिन कौन सा भोजन पूरी तरह त्याग देना चाहिए?
( Apurba Das )
भारतीय ज्योतिष शास्त्र और आयुर्वेद में भोजन का ग्रहों के साथ गहरा संबंध बताया गया है। "जैसा अन्न, वैसा मन" – यह कहावत हम सभी ने सुनी है। हर दिन का स्वामी एक विशेष ग्रह होता है। यदि हम उस दिन उस ग्रह के स्वभाव के विपरीत भोजन करते हैं, तो इससे शारीरिक कष्ट, मानसिक अशांति और दुर्भाग्य बढ़ सकता है।
नीचे सप्ताह के सातों दिनों के लिए वर्जित भोजन की जानकारी विस्तार से दी गई है:
१. रविवार (Sunday) – सूर्य देव
रविवार भगवान सूर्य का दिन है। सूर्य ऊर्जा, आत्मा और तेज का प्रतीक है।
क्या न खाएं:
• मसूर की दाल: ज्योतिष में रविवार को मसूर की दाल खाना अशुभ माना जाता है। मसूर की दाल का संबंध मंगल ग्रह से है और रविवार को इसका सेवन करने से सूर्य की शांत ऊर्जा में बाधा आ सकती है।
• अदरक और लाल साग: इस दिन कच्चा अदरक और लाल साग खाने से बचना चाहिए।
• नमक (व्रत में): जो लोग रविवार का व्रत रखते हैं, उन्हें सूर्यास्त से पहले नमक का सेवन बिल्कुल नहीं करना चाहिए।
• लहसुन और प्याज: रविवार को सात्विक रहना चाहिए, इसलिए तामसिक भोजन जैसे लहसुन और प्याज का त्याग करें।
• मांस-मदिरा: यह सूर्य की सकारात्मक ऊर्जा को नष्ट करता है।
२. सोमवार (Monday) – चंद्र देव
सोमवार का स्वामी चंद्रमा है, जो मन और शीतलता का कारक है। चंद्रमा जल तत्व का प्रतिनिधित्व करता है।
क्या न खाएं:
• कटहल और बैंगन: कई शास्त्रों में सोमवार को कटहल और बैंगन खाना वर्जित बताया गया है। माना जाता है कि ये चीजें बादी (गैस) करती हैं और मानसिक चंचलता को बढ़ा सकती हैं।
• अत्यधिक तीखा भोजन: चंद्रमा सौम्य और शीतल है, इसलिए इस दिन शरीर में गर्मी पैदा करने वाला बहुत तीखा या मसालेदार भोजन न करें।
• मांस: सोमवार भगवान शिव का दिन है, इसलिए इस दिन मांसाहार करना घोर पाप माना जाता है और यह मन को अस्थिर करता है।
• चीनी (दिन के समय): कुछ मान्यताओं के अनुसार, यदि आप व्रत हैं तो दिन में चीनी खाने से बचें।
३. मंगलवार (Tuesday) – मंगल देव
मंगलवार हनुमान जी और मंगल ग्रह का दिन है। मंगल ग्रह को ऊर्जा, साहस लेकिन क्रोध का कारक भी माना जाता है।
क्या न खाएं:
• उड़द की दाल: मंगलवार को उड़द की दाल का सेवन नहीं करना चाहिए। उड़द का संबंध शनि ग्रह से है और मंगल-शनि का संयोग पेट और स्वास्थ्य के लिए कष्टकारी हो सकता है।
• दूध से बनी मिठाइयां (बर्फी/खोया): ज्योतिष के अनुसार मंगलवार को दूध से बनी मिठाइयां दान करनी चाहिए, लेकिन खुद खाने से बचना चाहिए (विशेषकर अगर मंगल दोष हो)।
• नशा और मांसाहार: मंगलवार को शराब और मांस का सेवन करने से व्यक्ति का स्वभाव क्रोधी हो जाता है और दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ती है।
• ज्यादा तेल वाला खाना: यह शरीर में पित्त बढ़ाता है।
४. बुधवार (Wednesday) – बुध देव
बुधवार बुद्धि, व्यापार और गणेश जी का दिन है। बुध ग्रह हरे रंग और वनस्पतियों का कारक है।
क्या न खाएं:
• पान: बुधवार को पान खाना आर्थिक नुकसान का कारण बन सकता है। माना जाता है कि इस दिन बुध ग्रह को प्रसन्न करने के लिए हरी चीजों का सेवन करना चाहिए, न कि व्यसन करना चाहिए।
• जला हुआ भोजन: इस दिन गलती से भी जला हुआ या कड़वा भोजन न करें, इससे बुद्धि भ्रमित हो सकती है।
• दूध की खीर: कुछ क्षेत्रों में बुधवार को घर में खीर बनाना या खाना वर्जित माना जाता है।
• मांसाहार: बुद्धि को शुद्ध रखने के लिए बुधवार को भी सात्विक भोजन ही ग्रहण करना चाहिए।
५. गुरुवार (Thursday) – बृहस्पति देव (गुरु)
गुरुवार देवगुरु बृहस्पति और भगवान विष्णु का दिन है। यह दिन ज्ञान, धन और सौभाग्य का प्रतीक है।
क्या न खाएं:
• केला (Banana): यह सबसे महत्वपूर्ण नियम है। गुरुवार को केले के पेड़ की पूजा की जाती है, इसलिए इस दिन केला खाना वर्जित है। आप केला दान कर सकते हैं, लेकिन खा नहीं सकते।
• खिचड़ी: उत्तर भारत की मान्यताओं के अनुसार, गुरुवार को खिचड़ी खाना गरीबी को निमंत्रण देने जैसा है। इससे धन की हानि होती है।
• मांस और शराब: गुरुवार को मदिरापान या मांसाहार करने से गुरु ग्रह कमजोर होता है, जिससे मान-सम्मान और शिक्षा में बाधा आती है।
• लहसुन-प्याज: यह दिन पूर्णतः पवित्रता का है, इसलिए तामसिक भोजन से दूर रहें।
६. शुक्रवार (Friday) – शुक्र देव
शुक्रवार धन की देवी लक्ष्मी और शुक्र ग्रह का दिन है। यह भौतिक सुख, प्रेम और सौंदर्य का कारक है।
क्या न खाएं:
• खट्टी चीजें (Sour Food): जो लोग शुक्रवार को 'संतोषी माता' का व्रत रखते हैं, उनके लिए खट्टी चीजें (नींबू, इमली, अचार) खाना और छूना भी सख्त मना है। यह परिवार में कलह का कारण बन सकता है।
• मांसाहार: लक्ष्मी जी की कृपा पाने के लिए घर को सुगंधित और भोजन को सात्विक रखना चाहिए। मांस-मछली खाने से शुक्र ग्रह का अशुभ प्रभाव पड़ता है।
• चीनी (मधुमेह रोगियों के लिए): शुक्र के प्रभाव में मीठा खाने की इच्छा होती है, लेकिन स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए इसे नियंत्रित रखना चाहिए।
७. शनिवार (Saturday) – शनि देव
शनिवार न्याय के देवता शनि का दिन है। शनि देव कर्मों के अनुसार फल देते हैं।
क्या न खाएं:
• आम का अचार और लाल मिर्च: शनिवार को लाल मिर्च और खट्टा अचार खाने से शनि देव कुपित हो सकते हैं। तीखा भोजन शनि की शांति भंग करता है।
• दूध और दही: सादा दूध या दही पीने से बचना चाहिए। यदि पीना हो तो उसमें थोड़ा हल्दी या गुड़ मिला लें, क्योंकि सफेद रंग (चंद्र/शुक्र) का शनि (काला रंग) के साथ विरोध हो सकता है।
• मसूर की दाल: शनिवार को भी लाल मसूर की दाल नहीं खानी चाहिए, क्योंकि यह मंगल से संबंधित है।
• मांस-मदिरा: शनिवार को शराब और मांस का सेवन करना जीवन में भारी संकट, बीमारी और कोर्ट-कचहरी के चक्कर में डाल सकता है। शनि की साढ़ेसाती चल रही हो तो इसे भूलकर भी न छुएं।
• शनिवार के दिन करवा और खट्टा नहीं खाना चाहिए।
भोजन केवल पेट भरने का साधन नहीं है, बल्कि यह ग्रहों की ऊर्जा को हमारे शरीर में संतुलित करने का एक माध्यम है। यदि आप रोज इन नियमों का पालन नहीं कर सकते, तो कम से कम मंगलवार, गुरुवार और शनिवार को सात्विक भोजन (बिना मांस-मदिरा, लहसुन-प्याज) करने का प्रयास अवश्य करें। इससे जीवन में सकारात्मकता बनी रहती है।